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जनपद के कोल्हू /खांडसारी इकाई संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई।"पेराई सत्र 2026-27 के दौरान कोल्हू/खांडसारी इकाइयों के संचालन में वायु प्रदूषण नियंत्रण, अनुमन्य ईंधन का उपयोग करने के दिये दिशानिर्देश

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में जनपद के कोल्हू /खांडसारी इकाई संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई।"पेराई सत्र 2026-27 के दौरान कोल्हू/खांडसारी इकाइयों के संचालन में वायु प्रदूषण नियंत्रण, अनुमन्य ईंधन का उपयोग करने के दिये दिशानिर्देश 
मुजफ्फरनगर - अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) देश दीपक सिंह की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में जनपद के कोल्हू /खांडसारी इकाई संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई।बैठक में क्षेत्रीय अधिकारी, उ.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुजफ्फरनगर, जिला खांडसारी अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, सहायक पर्यावरण अभियंता, उ.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुजफ्फरनगर सहित संबंधित अधिकारीगण एवं जनपद के कोल्हू/खांडसारी इकाई संचालक उपस्थित रहे।
बैठक में  विस्तृत रूप से चर्चा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिए गए
कोल्हू/खांडसारी इकाईयों को केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी गाईडलाईन के अनुरूप कोल्हू की स्थापना एवं सचालन को लेकर मानक तय किये गये है, उन्हें अपनी इकाईंयों में वायु प्रदूषण की रोकथाम हेतु भू-तल से लगभग 10 मीटर ऊँची चिमनी की स्थापना की जानी आवश्यक है। कोल्हू /खांडसारी इकाईयों के संचालन के उपरान्त अनुमन्य ईंधन (बैगास / बॉयोमास / बॉयोब्रिकेट / ड्राय कृषि अपशिष्ट जैसे गेहू का भूसा. धान का भूसा, गन्ने का सूखा अपशिष्ट आदि) का प्रयोग किये जाने की जानकारी दी गयी।
अग्रेतर यह भी जानकारी दी गयी कि किसी भी दशा में प्रतिबन्धित ईंधन प्लास्टिक, टायर, रबर आदि का प्रयोग न किये जाने, प्रतिबन्धित ईंधन के प्रयोग से कोल्हू में कार्यरत कर्मचारी एवं आसपास के जनमानस के स्वास्थ्य पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्र के अन्तर्गत जनपद मुजफ्फरनगर आच्छादित है, जिसमें वायु गुणवत्ता प्रबन्धन आयोग, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा उ०प्र० प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किये जाते है, जिनका अनुपालन सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है।
सभी कोल्हू /खांडसारी इकाई संचालकों को निर्देशित किया गया कि पेराई सत्र प्रारंभ होने से पूर्व अपनी इकाइयों में अनुमन्य ईंधन का प्रयोग किया जाए।
सभी कोल्हू/खांडसारी इकाई संचालको को यह भी जानकारी दी गयी कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी गाइडलाईन के अनुसार कोल्हूओं को राज्य बोर्ड से सहमति लिया जाना आवश्यक है। राज्य बोर्ड से सहमति प्राप्त किये जाने हेतु निवेश मित्र
पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जाना होता है। राज्य बोर्ड द्वारा 05 साल की सहमति जारी की जाएगी।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि वायु प्रदूषण नियंत्रण केवल विभागीय निगरानी का विषय न होकर प्रत्येक इकाई संचालक की जिम्मेदारी भी है। अतः सभी संचालक स्वैच्छिक रूप से पर्यावरणीय मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन सभी संबंधित कोल्हू /खांडसारी इकाई संचालकों द्वारा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाये। बैठक के अंत में अध्यक्ष महोदय द्वारा सभी संचालकों से आगामी पेराई सत्र के दौरान स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल संचालन सुनिश्चित करने तथा प्रतिबंधित ईंधन/अपशिष्ट के दहन से पूर्णतः बचने का आह्वान किया गया।
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